452+ Yaari Shayari In Hindi 2 lines | सच्ची यारी शायरी

वाकिफ है हम इस दुनिया के रिवाज़ो से !!
जब दिल भर जाता है तो हर कोई भुला देता हैं !!

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अगर माँगते हम से जान हम वो भी दे देते !!
मगर उनके इरादे कुछ और ही थे !!

उम्रकैद की तरह होते हैं कुछ रिश्ते !!
जहाँ जमानत देकर भी रिहाई मुमकिन नहीं !!

बात नहीं होती तो क्या हुआ !!
हम अब भी अच्छे दोस्त हैं !!

दोस्ती में दोस्त दोस्त का ख़ुदा होता है !!
महसूस तब होता है जब वो जुदा होता है !!

सियासत से अलग कोई कहानी हो नहीं सकती !!
फ़रेबों से ज़ुदा अब ज़िन्दगानी हो नहीं सकती !!

कहाँ जाकर तलाशें हम सुकूँ अपने लिए यारो !!
यहाँ पर कोई भी रुत अब सुहानी हो नहीं सकती !!

हमारी सोच पर क़ब्ज़ा किया है बागवानों ने !!
ग़ुलामी की इत्ती अच्छी निशानी हो नहीं सकती !!

जिन्हें उम्मीद है अपने वतन से हर सहारे की !!
तसल्ली से बड़ी अब बदज़ुबानी हो नहीं सकती !!

कभी आई मेरे दिल में मग़र वापस नहीं निकली !!
कभी वो चाहतें अपनी पुरानी हो नहीं सकती !!

ग़रीबों के दिलों का दर्द लिखता चाहता हूँ पर !!
किराये की क़लम से वो बयानी हो नहीं सकती !!

हमारी बेटियां जाकर कहीं फिर लौट आएँ घर !!
ज़माने की कभी ऐसी रवानी हो नहीं सकती !!

यहाँ इंसान हो ख़ुश और औरों को भी दे खुशियाँ !!
मगर दुनिया इधर इतनी सायानी हो नहीं सकती !!

तेरी ख़ुशबू तेरी सूरत से कब परहेज मुफ़लिस को !!
मग़र अब हाय पहले सी जवानी हो नहीं सकती !!

दोस्ती हो तो मुन्ना और सर्किट जैसी !!
मतलब बापू दिख रहे है तो दिख रहे है !!

इतने ‎बेवफा नही जो तुम्हे भूल जायेंगे !!
अक्सर ‎चुप रहने वाले प्यार बहोत करते है !!

तेरा शुकराना जो हर नेमत से नवाज़ा मुझको !!
पर जाने क्यों अब तेरे तोहफ़े समझ नहीं आते !!

यूँ तो सब कुछ सलामत है तेरी दुनियाँ में !!
बस रिश्ते ही हैं जो कुछ टूटे-टूटे से नज़र आते है !!

सच्चे दोस्त हमें कभी गिरने नहीं देते !!
न किसी कि नजरों मे न किसी के कदमों में !!

देखी जो नब्ज मेरी तो हँस कर बोला हकीम !!
तेरे मर्ज़ का इलाज महफ़िल है तेरे दोस्तों की !!

मेरे दोस्तो की पहचान इतनी मुश्किल नही !!
वो हँसना भूल जाते है मुझे रोता देखकर !!

जिन दोस्तों के लिए काम छोड़ कर वक्त निकालते रहे !!
आज वक्त नहीं उनके पास उनके काम की वजह से !!

क्या ही कहूँ अब मैं अपने उस दोस्त के बारे में !!
उसकी तो यादे भी मेरे चेहरे पर मुस्कान ला देती है !!

खुशी देने वाले अपने तो होते ही है !!
पर गम देने वाले भी अजनबी नही होते !!

मै खुश हू कि उसकी नफ़रत का अकेला वारिस हू !!
वरना मोहब्बत तो उसे कई लोगो से है !!

तुम लोगों की कमी अधूरी याद से लगती है !!
दोस्तों के बिना ज़िन्दगी बेकार से लगती है !!

खुश नहीं हूँ मजबूर हूँ !!
तेरी ख़ुशी के लिए तुझसे दूर हूँ !!

बहुत थे मेरे भी इस दुनिया मेँ अपने !!
फिर हुआ इश्क और हम लावारिस हो गए !!

चाहो तो छोड़ दो चाहो तो निभा लो !!
दोस्ती हमारी है मर्ज़ी तुम्हारी है !!

ज़ख़्म देकर ना पूछ तू मेरे दर्द की शिद्दत !!
दर तो फिर दर्द है काम क्या ज्यादा क्या !!

खुदा ने किस्मत में साँसे लिखी थी !!
इंसानो ने रोक दी !!

वक़्त से पहले हादसों से लड़ा हूँ !!
मै अपनी उम्र से कई साल बड़ा हूँ !!

किसी को कितना भी प्यार दे दो !!
आखिर में उसे थोड़ा कम ही लगता है !!

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कहाँ मिलता है अब कोई समझने वाला !!
जो भी मिलता है समझा के चला जाता है !!

एक ये ख्वाहिश के कोई ज़ख्म न देखे दिल का !!
एक ये हसरत कि कोई देखने वाला तो होता !!

अब न खोलो मेरे घर के उदास दरवाज़े !!
हवा का शोर मेरी उलझनें बढ़ा देता है !!

मेरी कोशिश हमेशा से ही नाकाम रही !!
पहले तुझे पाने की अब तुझे भुलाने की !!

इश्क़ में ज्यादा उम्मीदें ना रख !!
कई सपने टूटते देखे है मैंने !!

ज़िंदगी में कोई पल बेशक खुशी का ना हो !!
पर ऐ खुदा मेरा दोस्त मुझसे कभी जुदा ना हो !!

देख बुरा वक्त तो ये पूरा संसार है बदलता !!
दोस्त वही जो उस बुरे हालात में भी नहीं बदलता !!

माना प्यार का रस मीठा है !!
लेकिन दोस्ती के आगे सब कुछ फीका है !!

मुस्कुराते चेहरे पर भी तू गम पहचान गया !!
ए दोस्त तू मुझे इतना कैसे जान गया !!

भगवान से एक दिन खुशियां मांग रहा था !!
और उसने तेरे जैसा दोस्त भेज दिया !!

कहते है कईं की सच्चे दोस्त जैसा कुछ नहीं होता !!
शायद उन्हे तुम्हारे जैसा कोई नहीं मिला नहीं होगा !!

बुरे समयमें भी कुछ लोगों मुझे गिरने नहीं दिया !!
भाई से बढ़कर दोस्तों ने मुझे बिखरने नहीं दिया !!

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बाग के सुन्दर फूलों को तोड़ा नहीं जाता !!
और तुम्हारे जैसे यारों को छोड़ा नहीं जाता !!

लोगों कहते है यारों के बिना जहां सुना है !!
मैं कहता हूँ यारों के बिना जहां ही नहीं है !!

मेरे कुछ ख़ास दोस्त कहते हैं कि बदल गए हो तुम !!
लेकिन कैसे बताये उनहे के संभल गए है हम !!

जो मिला था वो दोस्ती का मज़ा है !!
अब जो मिल रहा है !!
वो किसी पर भरोसा करने की सजा है !!

भाई जैसे दोस्त खुदा ने दे दिए मुझे !!
शायद पहले खुदा हमें खून के रिश्ते में !!
बांधना भूल गया होगा !!

ज़िंदगी में चाहे कैसे ही पल हो वो जीने ही होते है !!
दुनिया में चाहे कितने ही Gentlemanहो !!
लेकिन उनके दोस्तों के लिए वो भी कमीने ही होते है !!

मान लिया तेरे पहचान में लोग बड़े है !!
पर जरा अब हद में रहना !!
क्यूंकी अब मेरे साथ मेरे दोस्त खड़े है !!

दोस्ती अच्छी हों तो रंग लाती है !!
दोस्ती गहरी हो तो सबको भाती हैं !!
दोस्ती नादान हो तो टूट जाती हैं !!

बचपन के दिन भी क्या खूब थे !!
न दोस्ती का मतलब पता था !!
न मतलब की दोस्ती थी !!

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छोड़ दिया मैंने भी किसी को परेशान करना !!
जिसकी खुद मर्जी ना हो बात करने की !!
उससे जबरदस्ती क्या करना !!

किस्मत से मिलते हैं सच्चे दोस्त इस जहाँ में !!
कद्र इनकी करना सीखो यारों !!
हीरा यूहीं नहीं मिलता बाज़ारो में !!

रब से आपकी खुशी मांगते हैं दुआओं में !!
आपकी हंसी मांगते हैं सोचते हैं आपसे क्या मांगे !!
चलो आपसे उम्र भर की दोस्ती मांगते हैं !!

दोस्ती शब्द का मतलब बड़ा ही मस्त होता हैं !!
दों हस्ती जब दों हस्ती मिलती है !!
तब दोस्ती होती है !!

कुदरत का नियम है !!
मित्र और चित्र दिल् से बनाओगे !!
तो उनके रंग जरूर निखर आएंगे !!

मुस्कुरा देता हूँ अक्सर !!
देखकर पुराने Message तेरे !!
तू झूठ भी कितनी सच्चाई से लिखती थी !!

जानते हो मुहब्बत किसे कहते है !!
किसी को सोचना फ़िर मुस्कुराना !!
और आँसू बहाते हुए सो जाना !!

वक़्त की यारी तो हर कोई करता है !!
मेरे दोस्त मजा तो तब आये जब !!
वक़्त बदल जाये और यार ना बदले !!

मुद्दतों बाद भी नहीं मिलते !!
हम जैसे नायाब लोग तेरे हाथ क्या !!
लग गए तुमने तो हमे आम समझ लिया !!

हाँ याद आया इसके आखरी अलफ़ाज़ ये थे !!
अगर जी सको तो जी लेना !!
अगर मर जाओ तो अच्छा है !!

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जी भर के ज़ुल्म कर लो !!
क्या पता मेरे जैसा फिर !!
कोई बेजुबान मिले या न मिले !!

हाल तो यूं कुछ कह नहीं सकते !!
मोहब्बत हमने ही की थी !!
और भुगत भी हम ही रहे है !!

मुझे भी याद रखना !!
जब लिखो तारीख वफ़ा की !!
मैंने भी लुटाया है मोहब्बत मैं सकूँ अपना !!

हमारे ग्रुप का कोई लीडर नहीं !!
ना ही हमनें ज़िंदगी में कुछ उखाड़ा है !!
पहले शरीफ थे हम और अब कमीने है !!
हम सब ने एक दूसरे को बिगाड़ है !!

वो कहती है तुझे कुछ हुआ !!
तो मैं भी मर जाऊँगी !!
और मेरा यार कहता है !!
जब तक मैं जिंदा हूँ !!
तुझे कुछ होने नहीं दूंगा !!

अपनों से ज्यादा कोई अपनापन दिखा गया !!
अपनों से ज्यादा कोई अपनापन दिखा गया !!
खून के रिश्ते भी जहाँ पीछे हटने लगे थे !!
वहाँ एक अजनबी दोस्ती निभा गया !!

जहां पर साया भी साथ छोड़ दे !!
वहाँ शख्स कोई साथ खड़ा मिले !!
खुदा करे सबके पास तेरा जैसा दोस्त हो !!
मुसीबत में जो हमेशा पास खड़ा मिले !!

अपनों से ज्यादा कोई अपनापन दिखा गया !!
अपनों से ज्यादा कोई अपनापन दिखा गया !!
खून के रिश्ते भी जहाँ पीछे हटने लगे थे !!
वहाँ एक अजनबी दोस्ती निभा गया !!

मेरे खास थे कुछ लोग !!
हमेशा साथ थे कुछ लोग !!
कहते थे जो तेरे साथ है हर वक्त !!
वो वक्त पर खिलाफ थे कुछ लोग !!

बेशक हम शीशे की तरह हो !!
मामूली सी चोट से भी टूटेंगे !!
लेकिन पत्थर आया मेरे दोस्त की तरफ !!
तो हम उसके सामने से नहीं हटेंगे !!

शुक्रिया है ये दोस्त तुम्हारा !!
मेरी मुसीबतों को मुझे से दूर ले जाने के लिए !!
बुरे लोग ही मिलेंगे मुझे शायद ऐसा कोई श्राप था !!
मुझ पर शुक्रिया तुम्हारा मुझे उस श्राप से बचाने के लिए !!

तेरे साथ कितने भी लोग हो !!
बेशक कितने ही तेरे पास हथियार है !!
लेकिन हमसे भिड़ने की मत सोचना !!
क्यूंकी गुस्से में है जो साथ खड़े भाई जैसे यार है !!

गमों को मेरी ज़िंदगी से छाँट लिया !!
खुशियां तो सारी मेरे हिस्से में कर दी !!
और मेरी परेशानी को खुद के साथ में बाँट लिया !!
एक दिन मेरे गुरु मुझ पर चिल्ला रहे थे !!
गुस्से मेरे दोस्त ने उन्हे ही डाँट दिया !!

कुछ खास पल थे वो !!
खुशी में पता ही नहीं चला कहाँ बह गए !!
कुछ दोस्त हुआ करते थे साथ में !!
जो बस आज तस्वीरों में रह गए !!

कानों में पुरानी यादें गुनगुना रही थी !!
ना जाने किन लोगों की याद आ रही थी !!
अपने आप ही आखों में भर आए आँसू !!
दिल की महफ़िल में कल दोस्तों की बात हो रही थी !!

अगर की है दोस्ती तो !!
उसे निभाना भी पड़ता है !!
दाग ना लगे ताकि दोस्ती पर !!
कभी कभी खुद को गिराना भी पड़ता है !!

भरोसा होने पर भी कभी कभी !!
बहाने की नौबत आ जाती है !!
सच्ची दोस्ती को बचाने के लिए !!
कभी कभी उस से दूर जाने की नौबत आ जाती है !!

लोग पूछते है की क्या कुछ हुआ है !!
बदली सी आज कल तेरी बात है !!
ज्यादा कुछ नहीं पहले अकेला था !!
लेकिन अब मेरे दोस्त मेरे साथ है !!

यार तुमसे मिलने की बहुत चाहत है !!
न जाने क्यों आज दिल में बेहद बेक़रार हैं !!
और न रूठो मुझसे क्युकी !!
मेरे लिए सिर्फ तू ही एक खास हैं !!

दोस्ती में दूरियां तो आती रहती है !!
फिर भी दोस्ती दिलों को मिला देती है !!
वो दोस्ती ही क्या जिसमे नाराज़गी न हो !!
पर सच्ची दोस्ती जल्दी मान भी जाती हैं !!

वादा तो नहीं करते कि दोस्ती निभाएंगे !!
कोशिश यही रहेगी कि आपको न सताएँगे !!
जरूरत पड़ी तो दिल से पुकारना !!
जहाँ भी होंगे चले आएँगे !!

चाहिए होता है एक यार सताने को !!
खुद से जुड़ी बातें बताने को !!
जो हरदम मेरी बेवकूफी सहने को हो तैयार !!
उसके साथ होने से ही दिल को आता क़रार !!

कुछ तो बात है दोस्ती में !!
के कुछ तो बात है दोस्ती में !!
दूरियां में रिश्ते टूट जाते है !!
वही दोस्ती और गहरी हो जाती है !!

दिल में एक शोर सा हो रहा है !!
बिन आपके दिल बोर हो रहा है !!
बहुत कम याद करते हो आप हमे !!
कही ऐसा तो नहीं की !!
ये दोस्ती का रिश्ता कमजोर हो रहा है !!

लंबी है मंजिल दूर है किनारा !!
ये दोस्त क्यों नहीं अता !!
आज कल SMS तुम्हारा !!
भूल गए हमे या मिल गए !!
तुम्हे कोई हमसे भी कोई प्यारा !!

हसी की वजा तुम्हीं से मिलती है !!
आलम में राहत तुम्हीं से मिलती है !!
रूठना मत कभी हमसे ए दोस्तों !!
हमे जीने की चाहत सिर्फ तुम्ही से मिलती है !!

ज़िन्दगी में कुछ दोस्त खास बन गए !!
मिले तो मुलाक़ात बिछड़े तो याद बन गए !!
कुछ दोस्त धीरे धीरे फिसलते गए !!
पर जो दिल से ना गए वो आप बन गए !!

बदला बदला सा है मिजाज़ !!
क्या बात हो गयी !!
सिकायत हम से है या !!
किसी और से मुलाक़ात हो गयी !!

दोस्तों की महफ़िल सजे ज़माना हो गया !!
अब तो लगता है खुल के जीना पुराना हो गया !!
काश फिर से मिल जाये वह काफिला दोस्तों !!
जिससे बिछड़े ज़माना हो गया !!

दोस्त क्या कहूँ अब तेरी चोरियों के बारे में !!
दुखों में गम चुरा लिया !!
ज़िंदगी से परेशानी चुरा ली !!
जीने की चाह कब की छोड़ दी थी !!
पर तूनेवो मौत की चाह भी चुरा ली !!

वक्त बदल जाता है ज़िन्दगी के साथ !!
ज़िन्दगी बदल जाती है वक्त के साथ !!
वक्त नहीं बदलता दोस्तों के साथ !!
बस दोस्त बदल जाते हैं वक्त के साथ !!

न जाने सालों बाद कैसा समां होगा !!
हम सब दोस्तों में से कौन कहा होगा !!
फिर अगर मिलना होगा तो मिलेंगे ख्वाबों मे !!
जैसे सूखे गुलाब मिलते है किताबों मे !!

वो कहती हैं तुम छोड क्यों नही जाते !!
इतनी तकलीफ देती हुं तो !!
मैंने कहा साँस लेने में उलझन !!
आए तो क्या जीना हीं छोड दूँ !!

हैं जिनके पास अपने !!
वो अपनों से झगड़ते हैं !!
नहीं जिनका कोई अपना !!
वो अपनों को तरसते हैं !!

किसी के दिल में बसना कुछ बुरा तो नहीं !!
किसी को दिल में बसाना कोई खता तो नहीं !!
गुनाह हो यह ज़माने की नज़र में तो क्या !!
ज़माने वाले कोई खुदा तो नहीं !!

तेरी किताब के हर्फ़े समझ नहीं आते !!
ऐ ज़िन्दगी तेरे फ़लसफ़े समझ नहीं आते !!
कितने पन्नें हैं किसको संभाल कर रखूँ !!
और कौन से फाड़ दूँ सफ़हे समझ नहीं आते !!

चौंकाया है ज़िन्दगी यूँ हर मोड़ पर तुमने !!
बाक़ी कितने हैं शगूफे समझ नहीं आते !!
हम तो ग़म में भी ठहाके लगाया करते थे !!
अब आलम ये है कि लतीफे समझ नहीं आते !!

जिसे निभा न सकूँ ऐसा वादा नही करता !!
मैं बातें अपनी औकात से ज्यादा नहीं करता !!
भले ही तमन्ना रखता हूं आसमान छू लेने की !!
लेकिन औरों को गिराने का इरादा नहीं करता !!

जाने उस शख्स को कैसे ये हुनर आता है !!
रात होती है तो आँखों में उतर आता है !!
मैं उस के खयालो से बच के कहाँ जाऊं !!
वो मेरी सोच के हर रस्ते पे नजर आता है !!

मिलना बिछड़ना सब किस्मत का खेल है !!
कभी नफरत तो कभी दिलों का मेल है !!
बिक जाता है हर रिस्ता इस जमाने में !!
सिर्फ दोस्ती ही यहाँ नोट फॉर सेल है !!

दिए तो आंधी में भी जला करते हैं !!
गुलाब तो काँटों में ही खिला करते हैं !!
खुशनसीब बहुत होती है वो शाम !!
जिसमे दोस्त आप जैसे मिला करते हैं !!

गुनाह कर के सज़ा से डरते हैं !!
ज़हर पी के दवा से डरतें हैं !!
दुश्मनो के सितम का खौफ नहीं हमें !!
हम दोस्तों के खफा होने से डरते है !!

रिश्तों से बड़ी चाहत और क्या होगी !!
दोस्ती से बड़ी इबादत और क्या होगी !!
जिसे दोस्त मिल सके कोई आप जैसा !!
उसे ज़िन्दगी से शिकायत क्या होगी !!

दोस्ती का फ़र्ज़ हम यूँ अदा करते हैं !!
दोस्त के नाम पर जान फ़िदा करते हैं !!
तुम्हे फूल का ज़ख्म भी न आने पाए !!
अल्लाह से रोज बस ये ही दुआ करते है !!

उम्मीद ऐसी हो जो जीने को मजबूर करे !!
राह ऐसी हो जो चलने को मजबूर करे !!
महक कम न हो कभी अपनी दोस्ती की !!
दोस्ती ऐसी हो जो मिलने को मजबूर करे !!

वो दिल क्या जो मिलने की दुआ न करे !!
तुम्हे भूल कर जियूं ये खुदा न करे !!
रहे तेरी दोस्ती मेरी ज़िन्दगी बन कर !!
ये बात और है ज़िन्दगी वफ़ा न करे !!

दोस्त ज़िन्दगी का चाँद होता है !!
दिल ज़मीन का आसमान होता है !!
बदनसीब वो होते हैं जिनका कोई दोस्त नहीं !!
क्योंकि दोस्त तो धड़कते दिल की जान होता है !!

तन्हाई सी थी दुनिया की भीड़ में !!
सोचा कोई अपना नहीं तकदीर में !!
एक दिन जब दोस्ती की आपसे तो यूँ लगा !!
कुछ ख़ास था मेरे हाथ की लकीर में !!

एक चिंगारी अंगार से कम नहीं होती !!
सादगी श्रृंगार से कम नहीं होती !!
ये तो अपनी-अपनी सोच का फर्क है !!
वर्ना दोस्ती भी किसी प्यार से कम नहीं होती !!

हर पल की दोस्ती का इरादा है आपसे !!
अपनापन ही कुछ ज्यादा है आपसे !!
साथ रहेंगे आपके उम्र भर के लिए !!
हमेशा दोस्ती निभाएंगे वादा है आपसे !!

ज़िन्दगी नहीं हमे दोस्तों से प्यारी !!
दोस्तों के लिए हाजिर है जान हमारी !!
आँखों में हमारी आँसू है तो क्या !!
खुदा से भी प्यारी है मुस्कान तुम्हारी !!

वादा ना करो उसे तुम निभा ना सको !!
चाहो ना जिसको उसे तुम पा ना सको !!
दोस्त तो दुनिया मैं बहुत होते हैं !!
पर एक खास रखो !!
जिस के बिना आप मुस्कुरा ना सको !!

ज़िन्दगी नहीं हमे दोस्तों से प्यारी !!
दोस्तों के लिए हाजिर है जान हमारी !!
आँखों में हमारी आँसू है तो क्या !!
खुदा से भी प्यारी है मुस्कान तुम्हारी !!

हर पल की दोस्ती का इरादा है आपसे !!
अपनापन ही कुछ ज्यादा है आपसे !!
साथ रहेंगे आपके उम्र भर के लिए !!
हमेशा दोस्ती निभाएंगे वादा है आपसे !!

एक चिंगारी अंगार से कम नहीं होती !!
सादगी श्रृंगार से कम नहीं होती !!
ये तो अपनी-अपनी सोच का फर्क है !!
वर्ना दोस्ती भी किसी प्यार से कम नहीं होती !!

कोई दौलत पर नाज़ करते हैं !!
कोई शोहरत पर नाज़ करते हैं !!
जिसके साथ आप जैसा दोस्त हो !!
वो अपनी किस्मत पर नाज़ करते हैं !!

हम अपने पर गुरुर नहीं करते !!
याद करने के लिए किसी को मजबूर नहीं करते !!
मगर जब एक बार किसी को दोस्त बना ले !!
तो उससे अपने दिल से दूर नहीं करते !!

दोस्ती चीज नहीं जताने की !!
हमें आदत नहीं किसी को भुलाने की !!
हम इसलिये आपसे कम बात करते हैं !!
की नजर लग जाती है रिश्तों को जमाने की !!

दोस्त को भूलना ग़लत बात है !!
उन्ही का तो जिंदगी भर साथ है !!
अगर भूल गये तो सिर्फ़ खाली हाथ है !!
अगर साथ रहे तो ज़माना कहेगा क्या बात है !!

सुरज कॆ सामने रात नही होती !!
सितारो सॆ दिल की बात नही होती !!
जिन दोस्तो को हम दिल सॆ चाहतॆ है !!
न जानॆ क्यो उनसॆ मुलाकात नही होती !!

दील से लिखी बात दील को छू जाती है !!
ये अक्सर अनकही बात कह जाती है !!
कुछ लोग दोस्ती कॆ मायनॆ बदल दॆतॆ है !!
और कुछ लोगो कि दोस्ती सॆ दुनिया बदल जाती है !!

मेरी वफा की कदर ना की !!
अपनी पसन्द पे एतबार किया होता !!
सुना है वो उनकी भी ना हुई !!
मुझे छोड़ दिया था तो उसे अपना लिया होता !!

उसे जाने की जल्दी थी !!
तो मैं आँखों ही आँखों में !!
जहाँ तक छोड़ सकता था !!
वहाँ तक छोड़ आया हूँ !!

सिर्फ चेहरे की उदासी से !!
भर आये तेरी आँखों में आँसू !!
मेरे दिल का क्या आलम है !!
ये तो तू अभी जानता ही नहीं !!

ये वफ़ा की सख़्त राहें !!
ये तुम्हारे पाँव नाज़ुक !!
न लो इंतकाम मुझसे !!
मेरे साथ-साथ चल के !!

तलाश उसकी करो जो किसी के पास न हो !!
भुला दो उसे जिस पर विश्वास न हो !!
हम तो अपने ग़मों पर भी हँस पड़ते हैं !!
वो इसलिए कि सामने वाला उदास न हो !!

हर तन्हा रात में एक नाम याद आता है !!
कभी सुबह कभी शाम याद आता है !!
जब सोचते हैं कर लें दोबारा मोहब्बत !!
फिर पहली मोहब्बत का अंजाम याद आता है !!

कशिश होती है कुछ फूलों में !!
पर ख़ुशबू नहीं होती !!
ये अच्छी सूरतों वाले !!
सभी अच्छे नहीं होते !!

एक सुकून की तलाश मे !!
जाने कितनी बेचैनियां पाल ली !!
और लोग कहते है हम बडे हो गए !!
हमने जिंदगी संभाल ली !!

न जाने क्या कमी है मुझमे !!
और न जाने क्या खूबी है उसमे !!
वो मुझे याद नहीं करती !!
और मैं उसे भुला नहीं पाता !!

तुमको बहार समझ कर !!
जीना चाहता था उम्र भर !!
भूल गया था की !!
मौसम तो बदल जाते हैं !!

कोशिश बहुत की !!
राज़-ए-मुहब्बत बयाँ न हो !!
मुमकिन कहाँ था की !!
आग लगे और धुँआ न हो !!

हर ख़ुशी मेरी हराम है !!
ये ज़िन्दगी दर्द भरी शाम है !!
खुशियो से क्या मेरा वास्ता !!
ये ज़िन्दगी बस यु ही तमाशा है !!

उसकी बाहों में सोने का !!
अभी तक शौक है मुझको !!
मोहब्बत में उजड़ कर भी !!
मेरी आदत नहीं बदली !!

तुम्हारा सिर्फ हवाओं पे !!
शक़ गया होगा !!
चिराग़ खुद भी तो जल-जल के !!
थक गया होगा !!

रिश्तों के कुछ लिहाजदारी में !!
रुह यू अजर-अमर हो गए !!
इंतज़ार था जिनके लौट आने की !!
वो आये जब आंसू पत्थर हो गए !!

सिर्फ चेहरे की उदासी से !!
भर आये तेरी आँखों में आँसू !!
मेरे दिल का क्या आलम है !!
ये तो तुम अभी जानते नहीं !!

अगर हो इजाज़त तो !!
तुमसे एक बात पूछ लू !!
वो जो इश्क हमसे सीखा था !!
अब किससे करते हो !!

सिमट गया मेरा प्यार भी !!
चंद अल्फाजों में !!
जब उसने कहा मोहब्बत तो है !!
पर तुमसे नहीं !!

आदत बदल सी गई है !!
वक्त काटने की !!
हिम्मत ही नहीं होती !!
अपना दर्द बांटने की !!

रोज़ रोते हुए कहती है !!
ये ज़िंदगी मुझसे !!
सिर्फ एक शख्स कि खातिर !!
मुझे बर्बाद मत कर !!

ऐसा नही है मेरे दिल में !!
तेरी तस्वीर नही है !!
पर शायद मेरे हाथो में ही !!
तेरे नाम की लकीर नही है !!

बहुत शौक से उतरे थे !!
इश्क के समुन्दर में !!
एक ही लहर ने ऐसा डुबोया !!
कि आज तक किनारा ना मिला !!

तुम नफरत का धरना !!
कयामत तक जारी रखो !!
मैं प्यार का इस्तीफा !!
जिंदगी भर नहीं दूंगा !!

आज कल सब कहते हैं !!
मैं बुझा-बुझा सा रहता हूँ !!
अगर जलता रहता तो !!
कब का खाक हो जाता !!

एक सवेरा था !!
जब हंस कर उठते थे हम !!
आज कई बार बिना मुस्कुराये ही !!
शाम हो जाती हैं !!

कहाँ ढूंढेंगे इस बस्ती में !!
मेरे कातिल को एक काम कीजिए !!
ये इल्जाम भी मेरे ही सर डाल दीजिए !!

कितना मुश्किल है !!
मनाना उस शख्स को !!
जो रूठा भी ना हो !!
और बात भी ना करे !!

ठुकराया हमने भी बहुतों को है !!
तेरी खातिर !!
तुझसे फासला भी शायद !!
उन की बद-दुआओं का असर है !!

खाएं हैं लाखों धोखे !!
एक और सह लेंगे !!
तू ले जा अपनी डोली !!
हम अपने जनाजे को बारात कह लेंगे !!

तोड़ा कुछ इस अदा से !!
ताल्लुक उसने ग़ालिब !!
के सारी उम्र अपना क़सूर !!
ढूँढ़ते रह गए !!

मैं खुद कभी बेचा करता था !!
दर्दे दिल की दवा !!
आज वक़्त ने मुझे !!
अपनी ही दुकान पर ले आया !

कोई अपना नहीं होता !!
अपना कहने से !!
किसी को फर्क नहीं पड़ता !!
किसी के रोने से !!

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